Sculpture क्या हैं मूर्तिक्ला कैसे बनाए

कला एक ऐसी अनोखी पहल होती है जिसकी व्याख्या करना मुश्किल काम होता है अगर आपके अंदर कोई भी कला है तो वो कला अपने अंदर से निकालने के लिए एक अच्छा मौका बनता है जिससे रास्ते से हम अपनें कला को प्रदर्शित करते है वहीं आपका कला मशहूर होने लगती और और आपके कला को देखकर लोग आपके दीवाने हो जाते हैं यही कला का पहचान है।


    Sculpture क्या हैं मूर्तिक्ला कैसे बनाए
    Sculpture क्या हैं मूर्तिक्ला कैसे बनाए

    Sculpture क्या हैं - What is sculpture

    Sculpture को हम हिन्दी में मूर्तिकला कहते हैं जो कि अग्रेजी शब्द Sculpture है यह एक ऐसी रूप और चित्र को कहते है जो इंसान के द्वारा बनाया हुआ जो Sculpture के रूप में मूर्ती को कला रूप में दिखाते हैं यह एक ऐसा कला है जिसको केवल Idol artist भी मानते हैं। मूर्तिकला को अगर हम बाहर से व्याख्या करते हैं तो मूर्ति और कला मेे अन्तर दिखाई पड़ता है मूर्ति उस रूप वह आकृति को कहां जाता है कला जबकि उन कलाकारों कि कारण उनकी कला उसमे जुड़के बनती है इसीलिए वह मूर्तिकला या Sculpture कहते हैं।



    मूर्तिकला का परिभाषा | Definition of sculpture in Hindi

    मूर्तिकला का परिभाषा देखें तो जो मूर्ति बन रहा है और जो मूर्ति को बना रहा है जिसके कारण मूर्ति बन रही यानी तैयार हो रही है उनकी मदद से मूर्ति कला का परिभाषा देखने को मिलता है इसकी परिभाषाएं के स्वरूप ये मूर्ती कला बिना किसी निश्चित आकार में तैयार किया जाता है जो कि कठोर पदार्थ जैसे पत्थर पीतल मिट्टी से भी उसकी आकृति बनाई जाती हैं मूर्तिकला एक अतिप्राचीन कला है।



    Sculpture (मूर्ति) कैसे बनाते हैं - how to make sculpture

    sculpture दो तरीको से बनाए जाते हैं 1 सांचे कि मदद से तैयार किया जाता है। 2. sculpture एक ऐसे तरीक़े से भी बनाया जाता है जिसे हम और आप अपने हाथ से आकृति देकर बनाते हैं।

    • 1. मूर्ति को एक आकृति रूप दी जाती है जिससे उस आकृति में बदल जाता है जिसको हम sculpture मूर्ति मान लेते हैं यह मूर्ति बनाने के लिए आपको कुछ सांचे कि जरूरत होती है उस सांचे में कठोर पदार्थ को गलाकर के उस सांचे में डाला जाता है तो वहीं कठोर पदार्थ उस सांचे में परवार्तित यानि जम कर उस सांचे का रूप ले लेता है और ऐसे ही sculpture का निर्माण होता है।

    • 2. एक sculpture अपने हाथो से बनाते हैं मिट्टी और पुट्टी से तैयार करते हैं इंसान अपने हाथ से उस आकृति को तैयार करता है और एक ऐसा रूप देता है जैसा वह चाहता है जैसे मूर्ती को बनाने के लिए पहले लकड़ी के स्पोट तैयार किया जाता है फिर उस पर पुआल तथा कपड़े कि मदद से उस को आकृति देते हैं फिर मिट्टी या पेंट से तैयार किया जाता है।



    Sculpture (मूर्ति) का उपयोग कब होता है When is sculpture used

    Sculpture (मूर्ति) का उपयोग हम प्राथना तथा सोभे बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाता है जैसे हिन्दू धर्म में ईश्वर कि प्राथना के लिए वे लोग कुछ मूर्तियों को अपना भगवान के रूप में बनाकर के उनके आगे प्राथना करते हैं। तो कुछ sculpture हम अपनें घरों को सजाने के काम में भी लाते हैं जैसे कोइ आकृति ऐसी होती है देखने में बहुत अद्भुत नजारा पेश करती है वाहा भी इस Sculpture यानी मूर्ति का उपयोग होता है।




    मूर्ति बनाने का सांचा कहा मिलता है - Where is the sculpture made

    sculpture (मूर्ति) बनाने का सांचा जहां लाखो में मूर्तिया बनाई जाती है जैसे काशी और उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर जिले में इन साचे को बहुत तादात में बिकते हैं आप वाहा से जितने चाहे जैसे चाहे वैसे सांचे बनवा सकते हैं। अगर आप कहीं दूर है तो आप अपने बाज़ार से भी खरीद सकते हैं या आप बाज़ार मेे लकड़ी के दुकान से भी बनवा सकते हैं।


    भारत में मूर्ति कला का आरंभ कब से माना जाता है | Since when is the beginning of idol art considered in India?

    भारत में मूर्तिकला और अपत का आरंभ कब से माना जाता है ? अन्य कलाओं के समान ही भारतीय मूर्तिकला भी अत्यन्त प्राचीन है। इस सभ्यता की खुदाई में अनेक मूर्तियाँ प्राप्त हुई हैं जो लगभग 3000 वर्ष पूर्व ही भारत में मूर्ति निर्माण तकनीक के विकास का भरोसा हैं। 

    भारतीय मूर्तिकला की विषय-वस्तु हमेशा लगभग काल्पनिक मानव रूप होते थे, अनावृत्त मूर्ति का प्रयोग शरीर को आत्मा के प्रतीक और देवताओं के कल्पित स्वरूपों को दर्शाने के लिए किया जाता था। मूर्तियों में हिंदू देवताओं के बहुत से सिर व भुजाएँ इन देवताओं के विविध रूपों और शक्तियों को दर्शाने के लिए आवश्यक माने जाते थे।
    प्राचीन और मध्यकालीन भारतीय वास्तुकला के बारे में एक अद्भुत तथ्य यह है कि मूर्तिकला उसका एक अविभाज्य अंग थी।
    इस संदर्भ में सिधु घाटी की संस्कृति ही शायद एकमात्र अपवाद है, क्योंकि उसकी इमारतें उपयोगितावादी हैं, पर उनमें कलात्मक कौशल नहीं है।



    भारतीय मूर्तिकला का इतिहास | History of Indian sculpture

    भारत में मूर्ती कला आज से नही बल्कि कई हजार ईसा पूर्व पहले हुआ था हमारे शरीर के द्वारा बनने वाले सांचे तो आज कल आ रहे है लेकिन सिधु घाटी में बहुत ही रचनात्मक प्रतिभा देखने को मिला जिनमे मूर्तियों के कुछ खास खास रूप और आकार के मूर्ति मिली तब से लेकर आज तक भारत में मूर्तिकला का उपयोग ख़तम नही हुआ आज तक चला रहे हैं।





    भारतीय मूर्तिकला के प्रकार | Types of Indian sculpture

    भारतीय मूर्तिकला मुख्य रूप से 12 प्रकार के हैं
    1. सिंधु घाटी सभ्यता की मूर्ति कला
    2. मौर्य मूर्तिकला
    3. मौर्योत्तर मूर्तिकला
    4. गान्धार कला की मूर्तिया
    5. कला की मूर्तियाँ
    6. अमरावती मूर्तिकला
    7. गुप्तकाल मूर्तिकला
    8. बाकाटक मूर्तिकला
    9. मध्यकाल मूर्तिकला 
    10. चोल मूर्तिकला
    11. आधुनिक मूर्तिकला
    12. वास्तुकला एवं मूर्तिकला


    मूर्ति बनाने वाला कलाकार | Idol artist

    sculpture बनाने वाला कलाकार एक ऐसा रूप देता है जो हम और आप नही दे सकते हैं। कलाकार नाम हि कुछ ऐसा है जब कोइ आदमी कला के रूप में किसी आकार या मूर्ति को उसके आकार में बदलता है तो बाहर खड़े लोग ये सोचते हैं कि हम ये नही कर सकते हैं ये कलाकार हैं तभी इस क्ला को हमारे सामने प्रस्तुत किया इसी लिए हम इसे कलाकार कहते हैं।



    मिट्टी के सांचा बनाने विधी | Clay casting method

    आज हम आपको बताते हैं कि मिट्टी का सांचा कैसे बनाते हैं मिट्टी के सांचा बनाने के लिए आपको कुछ मिट्टी कि जरूरत पड़ेगी और साथ एक ऐसा बॉक्स चाहिए जिनमें आसान से मूर्ति का रूप आ जाए और एक पीतल के मूर्ति चाहिए होती है जिससे आप मिट्टी मेे सांचा तैयार करेंगे ।
    1.  सबसे पहले आपको 2 फिट कि लंबी चौड़ी बक्स में मिट्टी को भर देना होगा बक्स के निचली और ऊपरी हिस्सों में भी फिर आज मिट्टी को दबा देते हैं मिट्टी के बाद अपको ऊपरी भाग को ऊपर खोलना शुरू करेंगे और उसमें उस चीज की मूर्ति रखेंगे जिसकी आप सांचा बनाने जा रहे हैं



    माटी के मूर्ति बनाने का तरीका | Method of making the statue of Maati

    माटी के मूर्ति बनाने का सबसे आसान तरीके से जानेंगे माटी के मूर्ति को बनाने के लिए हम को अपने हाथ की जरूरत पड़ेगी जो हम उसे आकार देंगे और बनाएंगे सबसे पहले किसी लकड़ी से आकार बानाए फिर पुआल से उसे थोड़ा मोटा करे और उसे रूप दे फिर अब मिट्टी के सहारे उस पर हाथ पैरों को बनाए फिर उसपे पैंट चढ़ाए फिर हाथ से माटी कि मूर्ति तैयार हों गया।



    पत्थर के मूर्ति बनाने को जानिए | Know how to make stone sculpture

    पत्थर की मूर्ति बनाने के लिए हम मशीन कट्टर के प्रयोग से पत्थर को काट कर हम एक मूर्ति मेे परवार्टित कर देते है जो हम कभी हाथ से नही कट सकता है इसीलिए मशीन कट्टर के प्रयोग से हम बड़े बड़े पथरो को काट कर हम एक मूर्ति का निर्माण करते हैं।


    आज हम ने sculpture क्या हैं कैसे बनाते हैं तथा इसका प्रयोग कहा होता है इन सब चीज़ों के बारे में जानकारी प्राप्त किया और हमने मूर्तिकला sculpture के रूप और आकार में बदलाव के बारे में भी जाना अगर ये पोस्ट आपको पसंद आया है तो अपने Facebook, instagram, twitter पे शेयर करें।


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