घड़ी और समय में अन्तर क्या हैं

घड़ी कि सुई समय के अनुसार दिशा बदलता रहता है हमे संकेत देता है कि समय कैसे चल रहा है ये अपने घड़ी में समय को विकृत करता है और हमे समय को बताता है। जबकि समय अपने हि गति से बित रहा और आपको ये कहता है हमारे साथ चलना सीख लो बिल्कुल आप पीछे नहीं जाओगे और हमेशा हमारे साथ बने रहोगे।

समय जो हम अपनें जीवन से उस समय को गुजरना पड़ता है जैसी जीवन में आप जी रहे हैं न चाहते हुए भी अपने जीवन में समय को गुजरना देखना होता है हम ये जरूर देखते है कि हम अपने जीवन के कितना जिंदगी हम जीवन को दे रहे है और मौत को ये हमे गौर करना चाहिए तभी हमारी सफलता मिलेगा और हम हाथ मेे पहने हुए घड़ी के साथ कनेक्ट हो पाएंगे और कि बराबरी कर पाएंगे।

घड़ी और समय में अन्तर


घड़ी और समय में अन्तर क्या हैं

घड़ी जो एक यंत्र कि जिसकी मदद से हम समय को देख पाते है ये यंत्र मनुष्य द्वारा बना हुआ है। और इस घड़ी को करीब 1000 ई• में बना लिया गया था और समय से आज तक इसका इस्तमाल दुनियां में हर सेकंड पर किया जा रहा है। और शायद आगे भि होता रहेगा।


समय एक निश्चित समय है जिसे प्राकृतिक द्वारा बनाई गई है ये हम नहीं जानते क्या है बस हमको ये पता है हमारे जीवन में हर पल समय बीत रहा है और हमसे जुदा हो रहा है और एक ऐशा लम्हा आता है समय तो अपने हि गति से चलता है पर हम नहीं होते है हमारा समय बीत चुका है है और हम लोग के साथ गुजर चुके होते हैं जो फिर कभी लौट कर नहीं आ सकते यही प्राकृतिक का बनाया हुआ समय है इसी को प्राकृतिक समय कहते हैं।



घड़ी क्या हैं घड़ी के क्या काम है।

घड़ी एक समय का अंतराल बताता है उसको एक मशीनरी भी कहते हैं सेकंड उसी पर देख सकते हैं कि हर सेकंड और और हर मिनट और हर घंटे पर घड़ी कि सुई एक जगह से दूसरी जगह जाता दिखाई पड़ता है और हर समय को अपने अंदर से वो बदलाव करता है जिससे समय को देखा जा सके और घड़ी का काम हैं जो समय के बदले और हमे हर समय हर लम्हे याद और ध्यान दिलाए।



समय का संकेत और घड़ी का खोज कैसे हुआ

1. समय का पता सबसे पहले सूर्य के प्रकाश से होने वाले छाया से लिया जाता था। खुले मैदान में गोल चक्र बनाया जाता और सूर्य कि छाया कि मदद से समय का ज्ञान किया जाता था। 

2. चीन यूनान में पानी से चलने वाली घड़ी शुसन नामक आदमी के द्वारा बनाया गया पानी को बुदो को गिरने के बाद एक निश्चित समय पर उस घड़ी में आवाज आती थी उसी से समय का अनुमान लगाया जाता था।

3. इंग्लैंड के एल्फिट महान ने समय का ज्ञान करने के विधी अपनाई थी जिन्होंने एक मोमबत्ती पर लंबाई कि सम्मान दूरियों पर चीन अंकित कर दिए प्रत्येक मोमबत्ती के जलने पर एक निश्चित समय का ज्ञात होता था।



दुनियां कि सबसे पहली घड़ी किसने बनाया

दुनियां पहली घड़ी को सन् 996 ई• में पोप सिलवेस्टर द्वितीय घड़ी बनाया गया है। तब से यूरोप में घड़ियों का प्रयोग 13वीं शताब्दी में होने लगा उसके बाद इंग्लैंड के वेस्टमिंस्टर के घंटाघर में सन् 1288 में तथा सेंट अल्बांस में सन् 1326 में घड़ियाँ लगाई गई थीं।

डोवर कैसिल में सन् 1348 में लगाई गई घड़ी जब सन् 1876 ई. विज्ञान प्रदर्शनी में प्रदर्शित की गई थी, तो उस समय भी काम कर रही थी। सन् 1300 में हेनरी डी विक (Henry de Vick) ने पहिया चक्र, अंकपृष्ठ डायल तथा घंटा निर्देशक सूईयुक्त पहली घड़ी बनाई थी, जिसमें सन् 1700 ई. तक मिनट और सेकंड की सूइयाँ तथा दोलक लगा दिए गए थे। 


घड़ी का इतिहास क्या है


प्रारंभिक काल का इतिहास

प्रारंभिक काल में (ईसा की 10वीं शताब्दी से लेकर 18वीं शताब्दी के बीच तक का काल), जिसमें जिनमे लोगों के द्वारा अलग अलग विधी से घड़ियां बनाई गई कुछ ऐशी घड़ी बनाई गई जिनको खोजो से कुछ सुधार करने के लिए तो कुछ घड़ियों को दुबारा प्रयास नहीं किया गया लेकिन यूरोप में घड़ी के बनाने पर ज्यादा परतनय किया गया था।



मध्यकाल काल का इतिहास

मध्यकाल सन्‌ 1800 से 1900 तक लगभग तैयार के अहम भाग को हाथ से तथा उनके जोड़ने वाले भाग को मशीन के द्वारा बनने लगा फिर इसका मूल रूप से उसपे काम आने लगा और यूरोप देश को इसका श्रेय दिया जाता है।



वर्तमान

20वीं शताब्दी में घड़ियों का निर्माण तेजी से बढ़ गया फिर यूरोप देश तथा अमरीका देश में ये घड़ी बनने लगी आज हम जो घड़ियां हाथ में पहनते हैं इन्हीं देशों का इसका श्रेय दिया जाता है। कि के समय में हम पल पल समय को देख सकते हैं।



कलाई घड़ी क्या हैं

कलाई घड़ी ऐसी घड़ी होती हैं जिसको हम अपनें हाथ में आसानी से बांध सकते हैं उसे कलाई घड़ी बोलते है आजकल तो electric घड़ी का जमाना आ गया है अब लोग कलाई में घड़ी को बांधना भी काम कर मोबाईल से ही समय का ध्यान रखते हैं।




सबसे पुरानी घड़ी का नाम

दुनियां कि सबसे पुरानी घड़ी का नाम पोमैंडर है जिनको निर्माता पीटर हैनलैन के द्वारा रखा गया था उस घड़ी में एक खास बात थी घड़ी तो समय देखने के लिए था लेकिन ये घड़ी को ऊपर सोने के पीतल के गोले आकार में इसे सुरक्षित रखा गया था।

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